मेनका मामला 1978 और भारत में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विस्तार
मेनका मामला 1978 जिसे मेनका गांधी बनाम भारत संघ के नाम से जाना जाता है भारतीय संवैधानिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस निर्णय ने व्यक्तिगत स्वतंत...
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मेनका मामला 1978 जिसे मेनका गांधी बनाम भारत संघ के नाम से जाना जाता है भारतीय संवैधानिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस निर्णय ने व्यक्तिगत स्वतंत...
गोपालन मामला 1950 जिसे ए के गोपालन बनाम मद्रास राज्य के नाम से जाना जाता है भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णयित प्रारंभिक संवैधानिक मामलों में स...
निवारक निरोध का अर्थ है किसी व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए अपराध के लिए नहीं बल्कि भविष्य में संभावित रूप से कानून व्यवस्था भंग करने की आशंका के आधार...
भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के तीव्र विस्तार ने व्यक्तिगत डाटा को शासन, नवाचार और जनविश्वास का केंद्र बना दिया है। नागरिक जब सरकारी सेवाओं, निजी डिजिटल...
दावोस 2025 में भारत की भूमिका वृद्धि, नवाचार व सतत विकास की दिशा में रही। वैश्विक निष्कर्षों का देश के लिए लाभ तभी संभव है जब सुधार, समान अवसर व भागीद...
महामारी के बाद भारत में युवा रोजगार एक निर्णायक मोड़ पर है। समग्र नीतियाँ कौशल, उद्यमशीलता और सामाजिक समावेशन के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाएं ताकि...
भारत की स्वास्थ्य नीति प्रतिक्रियात्मक से प्रोएक्टिव व लचीली व्यवस्था की ओर बढ़ना चाहिए, जिसमें समता, पारदर्शिता व लगातार निवेश केंद्र में हो। कोविड-1...
यूपीआई से सीबीडीसी तक की यात्रा दिखाती है कि किस प्रकार भुगतान नवाचार वित्तीय समावेशन, आर्थिक विकास और नागरिक सशक्तिकरण को गहरा कर सकता है। आगे की सफल...
प्रारंभिक बजट-तैयारी एवं संकेत वर्ष के शुरू में पारदर्शी, भविष्य-संगत और प्रभावी वित्तीय प्रशासन की नींव रखते हैं। इसके लिए सशक्त डेटा, समावेशी विमर्श...
मजबूत राज्य-केंद्रित डिजिटल अवसंरचना भारत के संघीय ढांचे को सशक्त, सेवा वितरण सरल और स्थानीय नवाचार को समर्थ बनाती है। इसके पूर्ण लाभ हेतु, समान पहुँच...