भारत के 8 प्रमुख उद्योग
1. कपड़ा उद्योग
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भारत का सबसे बड़ा श्रम-आधारित उद्योग।
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देश के निर्यात का बड़ा हिस्सा।
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ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराता है।
2. लोहा और इस्पात उद्योग
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बुनियादी ढांचे और निर्माण कार्यों की रीढ़।
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“राष्ट्र का आधार उद्योग” कहा जाता है।
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झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में प्रमुख इकाइयाँ।
3. सीमेंट उद्योग
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निर्माण कार्य, आवास और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में मुख्य योगदान।
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक देश है।
4. चीनी उद्योग
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गन्ना उत्पादक राज्यों (उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक) में केंद्रित।
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रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण।
5. पेट्रोकेमिकल और रसायन उद्योग
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प्लास्टिक, उर्वरक, दवा और रंग-रसायन के लिए आधारभूत उद्योग।
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गुजरात और महाराष्ट्र प्रमुख केंद्र।
6. ऑटोमोबाइल उद्योग
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भारत दुनिया के सबसे बड़े वाहन उत्पादक देशों में शामिल।
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यात्री वाहन, दोपहिया, वाणिज्यिक वाहन उत्पादन में वृद्धि।
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चेन्नई, पुणे, गुरुग्राम प्रमुख हब।
7. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग
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भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ क्षेत्र।
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बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम प्रमुख केंद्र।
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निर्यात और सेवा क्षेत्र में विशाल योगदान।
8. खनन और ऊर्जा उद्योग
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कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और बिजली उत्पादन।
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औद्योगिक उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा में सीधा योगदान।
ICI सूचकांक (Industrial Cost Index)
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परिभाषा: औद्योगिक लागत और कीमतों में होने वाले बदलाव का सूचकांक।
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उद्देश्य:
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उत्पादन लागत का आकलन।
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मूल्य स्तर पर नियंत्रण।
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उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति का विश्लेषण।
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महत्व:
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सरकार को नीतिगत निर्णय लेने में मदद।
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औद्योगिक विकास और महँगाई दर पर नज़र रखने का आधार।
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भारत के प्रमुख उद्योग न केवल देश की आर्थिक वृद्धि को गति देते हैं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को सुदृढ़ करते हैं। कपड़ा, इस्पात, सीमेंट, आईटी और ऑटोमोबाइल जैसे उद्योग “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियानों को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं। वहीं ICI सूचकांक उद्योगों की लागत और मूल्य परिवर्तन का दर्पण है, जो भविष्य की औद्योगिक नीतियों के लिए मार्गदर्शक बनता है।
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